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पाकिस्तान: इमरान समर्थित सांसदों की सरकार बनाने की नई योजना

२० फ़रवरी २०२४

पाकिस्तान में इमरान खान समर्थित निर्दलीय सांसदों ने सरकार बनाने के लिए एक नया आईडिया निकाला है. यह सांसद एक छोटी पार्टी के साथ गठबंधन बना कर संसद में बहुमत हासिल करने की कोशिश करेंगे.

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इमरान खान
इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने सरकार बनाने के लिए एक नए गठबंधन की तरफ कदम बढ़ाया हैतस्वीर: Rizwan Tabassum/AFP/Getty Images

खान की पार्टी पीटीआई ने सोमवार को घोषणा की कि हाल ही में हुए आम चुनावों में उसके समर्थन से जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय नेता सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) में शामिल हो जाएंगे.

एसआईसी एक पंजीकृत राजनीतिक दल है. यह पार्टी इस्लामी राजनीतिक और धार्मिक समूहों के एक गठबंधन का हिस्सा है. इसके अध्यक्ष ने भी इन चुनावों में जीत हासिल की थी, बल्कि इस गठबंधन के सभी समूहों में से जीतने वाले वही इकलौते थे.

क्या है पीटीआई की योजना

पीटीआई के अध्यक्ष गौहर अली खान ने पत्रकारों को बताया, "हमारे बीच इस बात पर सहमति हो गई है कि प्रांतीय असेंबलियों और राष्ट्रीय असेंबली में जीत दर्ज करने वाले हमारे उम्मीदवार सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हो जाएंगे."

ओमर अयूब खान
प्रधानमंत्री पद के लिए पीटीआई के उम्मीदवार ओमर अयूब खानतस्वीर: Farooq Naeem/AFP/Getty Images

जीते हुए प्रत्याशी इसी हफ्ते एसआईसी में शामिल होने के लिए अपने आवेदन पाकिस्तान के चुनाव आयोग को भेजेंगे. अगर आयोग की अनुमति मिल जाती है तो उसके बाद यह गठबंधन महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीटों का हकदार बन जाएगा.

इन सीटों को चुनावों के नतीजों के हिसाब से आवंटित किया जाता है. प्रधानमंत्री पद के लिए पीटीआई के उम्मीदवार ओमर अयूब खान ने पत्रकारों को बताया, "इस गठबंधन के बाद पीटीआई राज्यों के साथ साथ केंद्र में भी सरकार बनाने की स्थिति में होगी."

पीटीआई समर्थित इन प्रत्याशियों ने चुनावों में सबसे ज्यादा सीटें हासिल की थीं लेकिन निर्दलीय होने की वजह से उन्हें प्रभावशाली रूप से किनारे कर दिया गया था. पाकिस्तानी सेना द्वारा समर्थित पीएमएलएन बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी.

लेकिन उसने पीपीपी और कुछ छोटी पार्टियों के साथ हाथ मिला लिया और अब सरकार बनाने की कोशिश कर रही है. चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं. मतों की गिनती के दिन देश भर में मोबाइल फोन नेटवर्क बंद कर दिया गया था और गिनती में 24 घंटों से ज्यादा समय लग गया था.

धांधली के आरोप सच?

शनिवार को सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी लियाकत अली चट्ठा ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने चुनावों में हुई धांधली में मदद की थी और वो खुद को पुलिस के हवाले कर देंगे. चट्ठा रावलपिंडी के कमिश्नर हैं, जहां सेना का मुख्यालय है.

उन्होंने बताया,"हमने हारने वालों को जीतने वालों में बदल दिया और असेंबली की 13 सीटों पर कुल 70,000 मतों के मार्जिन को पूरा उलट दिया." उनकी घोषणा के बाद पाकिस्तान के अग्रणी अधिकार समूह ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान ने कहा कि चुनावों में हुई धांधली में "सरकारी नौकरशाही की सांठ-गांठ के उजागर होने की शुरुआत हो चुकी है."

शनिवार को ही पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने कथित धांधली के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन किया. कई शहरों में पार्टी के समर्थकों को प्रदर्शन करते हुए देखा गया. पार्टी के लिए प्रमुख शहर पेशावर में करीब 4,000 कार्यकर्ता इकट्ठा हुए.     

लाहौर में पुलिस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान अकरम राजा और करीब एक दर्जन समर्थकों को हिरासत में ले लिया था. बाद में पुलिस ने बताया कि सभी को छोड़ दिया गया था.

सीके/वीके (एएफपी)